उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग के समस्त कार्यक्रमों, योजनाओं की समीक्षा की
कुल्लू
उपायुक्त अनुराग चन्द्र शर्मा ने बुधवार को स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत चलाए जा रहे समस्त कार्यक्रमों, योजनाओं एवं अभियानों के बारे में विस्तार से चर्चा की गई । उपायुक्त ने
समय- समय पर विभाग के कार्यक्रमों,योजनाओं एवं अभियानों की प्रगति की समग्र रूप से समीक्षा करने की आवश्यकता पर बल दिया।
स्वास्थ्य विभाग के कार्यक्रमों के बारे में विस्तृत समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त ने सभी योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी लेते हुए नशीले पदार्थों के प्रभाव के बारे में चिंता व्यक्त करते हुए व्यापक स्तर पर जन जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि संकलित आंकड़ों से यह तथ्य सामने आ रहे हैं कि नशीले पदार्थो के प्रयोग करने वाले लोगों में एचआईवी एड्स जैसी बीमारियों की भेद्यता संभावना अधिक है जिसके लिए व्यापक स्तर पर जन जागरूकता अभियान तथा किशोर एवं युवा वर्ग में जानकारी बढ़ाना आवश्यक है। उपायुक्त ने सभी कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक धरातल पर प्रभावी बनाने के लिए आशा वर्कर के लिए सभी कार्यक्रमों का एक मासिक कैलेंडर बनाने के निर्देश दिए ताकि सभी कार्यक्रमों को स्पष्ट रूप से निरंतर से निष्पादित किया जा सके।
जिला में सभी योजनाओं को सफलतापूर्वक क्रियान्वित करने तथा समन्वय के साथ जिला तथा अन्य सस्थ लगते क्षेत्र की जनता तक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से विभाग के विभिन्न कार्यक्रम अधिकारियों ने अपनी योजनाओं से संबंधित जानकारी विस्तृत पीपीटी के माध्यम से प्रदान की।
विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से टीबी मुक्त भारत अभियान के बारे में जानकारी देते हुए डॉक्टर श्रुति ने टीबी उन्मूलन के लिए की जा रही गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि वर्ष 24 -25 के दौरान टीबी से ग्रसित रोगियों की संख्या में कमी आई है। उन्होंने निक्षय मित्र योजना के बारे में भी जानकारी प्रदान की।
डॉक्टर सत्यव्रत वैद्य ने चिट्टा मुक्त हिमाचल अभियान सहित जिला रेडक्रॉस द्वारा एकीकृत पुनर्वास केंद्र तथा एम्स के सहयोग से चलाई जा रही एटीएफ सुविधा के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए नशीले पदार्थों के सेवन से ग्रसित लोगों के इलाज के बारे में जानकारी प्रदान की। उन्होंने राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम तथा नई दिशा केंद्र के बारे में जानकारी देते हुए मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम 2017 के बारे में भी विस्तार से बात की।
डॉ उषा ने जननी स्वास्थ्य एवं शिशु स्वास्थ्य की दिशा में किया जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों तथा योजनाओं के बारे में जानकारी प्रदान की। उन्होंने विभाग के माध्यम से संचालित किए जा रहे विभिन्न टीकाकरण अभियानों के बारे में भी विस्तार से जानकारी प्रदान की।
डॉक्टर घनश्याम ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, जिला अर्ली इंटरवेंशन सेंटर, डायरिया नियंत्रण कार्यक्रम, राष्ट्रीय कृमि मुक्ति कार्यक्रम, यूनिवर्सल टीकाकरण कार्यक्रम, यू -विन पोर्टल, पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान, आयुष्मान भारत, हिम केयर कार्यक्रम, मुख्यमंत्री सहारा योजना आदि के बारे में जानकारी प्रदान की।
डॉ विकास ने स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस के बारे में जानकारी देते हुए स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता सुनिश्चित करने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी प्रदान की। डॉ राकेश ने कायाकल्प कार्यक्रम मीरा अस्पताल तथा अटल आशीर्वाद योजना के बारे में जानकारी प्रदान की। डॉ सुरेश ने एचआईवी एड्स तथा नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर रंजीत ने बैठक का संचालन किया तथा स्वास्थ्य विभाग के आगामी परियोजनाओं के बारे में जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि 16 करोड़ रुपए की लागत से तेगुबेहड में क्रिटिकल केयर यूनिट की स्थापना की जा रही है तथा मेडिकल कॉलेज कुल्लू के संबंध में भी आवश्यक पत्राचार किया गया है।
बैठक में अतिरिक्त जिला उपायुक्त अश्वनी कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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