शिमला
पुलिस विभाग के प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू द्वारा 15 नवंबर, 2025 को आरम्भ किए गए प्रदेशव्यापी एंटी-चिट्टा जन-आंदोलन के अंतर्गत ‘चिट्टा-मुक्त हिमाचल’ के संकल्प को सुदृढ़ करने के लिए हिमाचल प्रदेश पुलिस द्वारा राज्य के विभिन्न जिलों में समन्वित, सघन एवं प्रभावी कार्रवाई निरंतर जारी है। यह अभियान अब एक सशक्त जन आंदोलन का रूप ले चुका है, जिसमें शासन, प्रशासन एवं जनता की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित हो रही है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश पुलिस ने चिट्टा, नशीले पदार्थों एवं भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति को सख्ती से लागू करते हुए एक अत्यंत महत्वपूर्ण एवं कठोर कार्रवाई की है। एसटीएफ, कुल्लू के चार पुलिस कर्मियों को एनडीपीएस प्रकरण में संलिप्त पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त किया गया है।
प्रवक्ता ने जानकारी दी कि गहन परीक्षण के उपरांत, भारत के संविधान एवं हिमाचल प्रदेश पुलिस अधिनियम के प्रावधानों के तहत कांस्टेबल नितेश, कांस्टेबल अशोक, हेड कांस्टेबल राजेश कुमार एवं हेड कांस्टेबल समीर कुमार को सेवा से बर्खास्त किया गया। प्रदेश सरकार द्वारा इससे पूर्व भी 17 पुलिस कर्मियों को नशा संबंधित मामलों में बर्खास्त किया जा चुका है, जो वर्तमान कार्रवाई के साथ बढ़कर 21 हो गया है।
प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए है कि पूरे राज्य में नशा (चिट्टा) तस्करी या पेडलिंग में यदि पुलिस कर्मियों की किसी भी प्रकार की संलिप्तता पाई गई तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त ऐसे अपराधियों, उनके सहयोगियों या नेटवर्क के प्रति किसी भी प्रकार की लापरवाही, ढिलाई या नरमी बरतने वाले पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों के विरुद्ध भी कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश पुलिस द्वारा चिट्टे और नशीले पदार्थों के विरुद्ध ‘‘शून्य सहनशीलता’’ की नीति को पूर्ण कठोरता के साथ लागू किया जाएगा। दोषी चाहे कोई भी हो, उसके विरुद्ध बिना किसी भेदभाव के सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि पुलिस बल की ईमानदारी, विश्वसनीयता एवं जनविश्वास अक्षुण्ण बना रहे।
प्रवक्ता ने बताया कि हिमाचल प्रदेश पुलिस ने आम नागरिकांे विशेषकर युवाओं से अपील की है कि नशे से संबंधित किसी भी सूचना को तुरंत 112 अथवा नजदीकी पुलिस थाना में साझा करें। सूचना देने वालों की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी। मुख्यमंत्री के नेतृत्व, सुदृढ़ राजनीतिक इच्छा शक्ति एवं जनसहभागिता के साथ हिमाचल प्रदेश पुलिस ‘चिट्टा-मुक्त हिमाचल’ के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु पूर्णतः प्रतिबद्ध है और इस दिशा में हर आवश्यक कदम उठाती रहेगी।