हर पंचायत में स्थापित होगी डेयरी कोआपरेटिव सोसाइटी – उपायुक्त
जिला की 57 पंचायतों में बनेगी डेयरी कोआपरेटिव सोसाइटी
पशुपालन विभाग ने जिला की कुल 412 पंचायतों में आंतरिक सर्वेक्षण किया है जिसके आधार पर 57 ग्राम पंचायतों को चयन किया गया है जिनमें रोजाना 200 लीटर से अधिक दूध का उत्पादन हो रहा है। इनमें ग्राम पंचायत बम्टा,केदी, चंडलोग, दैयादोची, पुजारली, बोहर, न्योल टिक्करी, फांचा, झिकनीपुल, खुंडनेवाल, दियोट, मलेंदी, गोपालपुर, शाहधार, पारसा, अढ़ाल, समोलीपुल, बारासली, लोअर कोटी, सीमा रंटाडी, झगोटी, भापफार, आंद्रा, डिसवानी, ढाकगांव, मसली, नकराडी, घारग, शिल्ली, खशधार, खरशाली, खाबल, बसोरी, टांगो जंगलीक, पुजारली-4, करासा, कुटाडी, हरचली, गौना, दलगांव, जैस, भराड़ा, देवरीघाट, चमियाणा, डुम्मी, भौंट, मेहली, बढाई, पुजारली, रझाणा, मल्याणा, कोटी, सतलाई, दरभोग, शिल्ली बाघी और मझठाई शामिल है।
08 पंचायतो में गठित हो चुकी है डेयरी को आपरेटिव सोसाईटी
जिला की 08 पंचायतों में डेयरी कोआपरेटिव सोसाईटी का गठन किया जा चुका है। इनमें रोहड़ू विकास खंड के तहत द अमृत पान मिल्क कोआपरेटिव लिमिटेड कमोली, द जागा माता बाशला मिल्क कोआपरेटिव लिमिटेड अढ़ाल, द गोकुल मिल्क कोआपरेटिव लिमिटेड समोली, द कृष्णा वूमेन मिल्क कोआपरेटिव लिमिटेड कन्योरा, द जिया-पान मिल्क कोआपरेटिव लिमिटेड लोअर कोटी तथा चिढ़गांव विकास खंड में द आंध्रा मिल्क कोआपरेटिव लिमिटेड अढ़ाल व द डाकगांव मिल्क कोआपरेटिव लिमिटेड और रामपुर विकास खंड के तहत द लहारू वीर मिल्क प्रोडूयसर कोआपरेटिव सोसाईटी लिमिटेड गान्वी शामिल हैं।
इस योजना के क्रियान्वयन के लिए उपायुक्त की अध्यक्षता की कमेटी कार्य करेगी। उपायुक्त जिला स्तरीय योजना का प्रारूप बनाएंगे जिसमें पंचायतों का चयन करना, पंचायती राज विभाग व अन्य विभागों की जिम्मेदारी सुनिश्चित करना, जिला स्तरीय डेयरी विकास समिति का गठन करना शामिल है। इसके साथ ही बजट का प्रावधान करवाना तथा मासिक प्रगति रिपोर्ट तैयार करनी होगी। वहीं मिल्क फेड, डीआरडीए, पशुपालन विभाग, ग्राम पंचायत एवं किसानों की भूमिका भी तय की गई है।
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