शहीद दिवस पर राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने शहीद भगत सिंह, शहीद सुखदेव और शहीद राजगुरु को श्रद्धांजलि अर्पित की

शिमला
युवाओं से स्वतंत्रता सेनानियों के जीवन से प्रेरणा लेने का किया आह्वान

शहीद दिवस के अवसर पर राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने आज शहीद भगत सिंह, शहीद सुखदेव और शहीद राजगुरु को पुष्पांजलि अर्पित की और राष्ट्र के प्रति उनके सर्वाेच्च बलिदान को नमन किया।
इस अवसर पर लोक भवन में एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया, जिसमें राजभवन के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी अमर शहीदों को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। अमर शहीदों के अदम्य साहस, देशभक्ति और स्वतंत्रता संग्राम के प्रति समर्पण को नमन करते हुए दो मिनट का मौन भी रखा गया।
इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु का जीवन और बलिदान युवाओं को साहस, प्रतिबद्धता और निःस्वार्थ भाव से राष्ट्र सेवा के लिए सदैव प्रेरित करता रहेगा। इनकी देशभक्ति का जज्बा और राष्ट्रीय एकता के आदर्श आज भी प्रासंगिक हैं और सभी को इन्हें अपने जीवन में आत्मसात करने की आवश्यकता है।
राज्यपाल ने कहा कि इन महान क्रांतिकारियों ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया और स्वतंत्र भारत की नींव रखी। उनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
शहीद भगत सिंह की विरासत से अपने व्यक्तिगत जुड़ाव का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि उन्होंने उनके दो भतीजों के साथ सामाजिक क्षेत्र में कार्य किया है। उन्होंने कहा कि जब उनके पिता फिरोजपुर में कार्यरत थे उस समय वह हर वर्ष 23 मार्च को शहीदों की याद में आयोजित होने वाले वार्षिक मेले के लिए हुसैनीवाला राष्ट्रीय शहीद स्मारक जाते थे।
राज्यपाल ने इस बात पर बल दिया कि भारत को वर्ष 2047 तक विकसित बनाने का सपना तभी साकार होगा जब प्रत्येक नागरिक राष्ट्र निर्माण में पूरी निष्ठा से योगदान देगा। राष्ट्र को मजबूत बनाने का सामूहिक संकल्प ही इन महान शहीदों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने युवोओं का आह्वान किया कि वे स्वतंत्रता सेनानियों के जीवन से प्रेरणा लेकर ईमानदारी, अनुशासन और त्याग की भावना के साथ राष्ट्र सेवा में स्वयं को समर्पित करें।
इसके उपरान्त, राज्यपाल ने लोक भवन के कर्मचारियों के साथ संवाद किया। उन्होंने सभी कर्मचारियों को गरिमा और परंपराओं का निर्वहन करते हुए पूरी निष्ठा से कार्य करने को कहा। उन्होंने कहा कि वे कर्मचारियों से नियमित रूप से संवाद करेंगे ताकि उनकी समस्याओं को व्यक्तिगत रूप से समझा जा सके और उनका समय पर समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
राज्यपाल के सचिव सी.पी. वर्मा, अधिकारी और लोकभवन के कर्मचारी भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।