राजस्व लोक अदालतों से समय पर हल हो रहे हैं आमजन के राजस्व मामले

घुमारवीं में अप्रैल 2024 से 3768 इंतकाल, 168 तकसीम व 411 निसानदेही मामलों का हुआ निपटारा


ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम अब घर बैठे मिल रही है विभिन्न प्रमाणपत्र प्राप्त करने की सुविधा

बिलासपुर । मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार आमजन से जुड़े राजस्व मामलों के त्वरित निपटारे को प्राथमिकता प्रदान कर रही है। लोगों को समयबद्ध व बेहतर राजस्व सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए जहां डिजिटल माध्यम का व्यापक इस्तेमाल किया जा रहा है तो वहीं विभिन्न राजस्व मामलों का समयबद्ध निपटारा भी सुनिश्चित किया जा रहा है। प्रदेश सरकार के इन महत्वपूर्ण कदमों से न केवल लोगों को समयबद्ध विभिन्न राजस्व सेवाओं का लाभ मिल रहा है बल्कि राजस्व कार्यालयों के बार-बार चक्करों से भी छुटकारा मिला है।
जिला की घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र की बात करें तो तहसील घुमारवीं व उप-तहसील भराड़ी  के अंतर्गत भूमि संबंधी मामलों में सराहनीय प्रगति दर्ज हुई है। अप्रैल 2024 से अब तक कुल 3768 इंतकाल, 168 तकसीम तथा 411 निसानदेही के मामलों का निपटारा किया जा चुका है। इसी तरह ई-डिस्ट्रिक पोर्टल की बात करें तो इसी अवधि के दौरान लगभग 58 हजार विभिन्न प्रमाणपत्रों को जारी किया गया है।
ऐसे में यदि तहसील घुमारवीं की बात करें तो अप्रैल 2024 से अब तक कुल 2341 इंतकाल, 63 तकसीम और 207 निशानदेही मामलों का निपटारा किया गया है। इसी तरह ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से प्रमाण पत्र जारी करने की दिशा में भी उल्लेखनीय कार्य हुआ है। तहसील कार्यालय घुमारवीं में अप्रैल, 2024 से अगस्त 2025 के दौरान कुल 38,933 विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्र भी जारी किए गए हैं। इसी अवधि के दौरान 8 अतिक्रमण के मामलों का निपटारा किया गया जबकि 2468 पंजीकरण दस्तावेजों को निष्पादित किया गया। यही नहीं इसी दौरान कुल 4654 हल्फनामों का सत्यापन किया गया है।
इसी तरह उप-तहसील भराड़ी कार्यालय के माध्यम से भी अप्रैल 2024 से जुलाई 2025 तक की अवधि में विभिन्न राजस्व कार्य सफलतापूर्वक संपन्न किए गए हैं। इसी अवधि के दौरान कार्यालय ने 1427 इंतकाल, 105 तकसीम मामलों तथा 204 निसानदेही मामलों का निपटारा किया है, जबकि 14 अतिक्रमण मामलों को भी सुलझाया गया है। इसी अवधि के दौरान जहां 18,809 विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्र जारी हुए तो वहीं 924 पंजीकरण दस्तावेज निष्पादित किए गए। इसके अतिरिक्त 3,755 हलफनामों का सत्यापन तथा 758 विभिन्न प्रतियों का निर्गमन भी किया गया।
क्या कहते हैं तकनीकी शिक्षा मंत्रीः
इस संबंध में स्थानीय विधायक एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी का कहना है कि आमजन को पारदर्शी, त्वरित एवं प्रभावी राजस्व सेवाएं उपलब्ध करवाना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है तथा प्रत्येक माह के अंतिम दो दिन राजस्व अदालतों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने राजस्व विभाग का व्यापक डिजिटलाइजेशन किया है जिससे राजस्व संबंधी मामलों के निपटान की प्रक्रिया में न केवल तेजी आई है बल्कि घर बैठे लोगों को विभिन्न राजस्व सेवाओं का लाभ भी मिल रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में भविष्य में भी राजस्व सेवा प्रदायगी की प्रक्रिया को और सुदृढ़ बनाया जा रहा है ताकि लोगों को समयबद्ध राजस्व सेवाएं सुनिश्चित हो सकें।